2014 में होने वाले पी.एम के लिए चुनावों में बी.जे. पी के आडवाणी,नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राहुल गाँधी और मनमोहन सिंह के अनुभव को ध्यान में रखकर इनका नाम पी.एम उम्मीदवार के रूप में सामने लाया गया.कुछ कहते हैं की इनके अलावा कोई तीसरा भी आ सकता है.लेकिन शायद इस बीच हम अन्ना को भूल गये हैं.कोई भी राजनीतिक पार्टी उन्हें अपना उम्मीदवार बनाने की बात नही करती.
हमें अन्ना को पी.एम का उम्मीदवार बनाने के बारे में सोचना चाहिए.क्यूकि भ्रष्ट्राचार विरोधी उनके आन्दोलन को काफी समर्थन मिला है.जब वो अनशन पर बैठे तो हर वर्ग ने उनका साथ दिया.इसके अलावा संसद में भी उनका कितना सम्मान है,उनके अनशन को ख़त्म करने की गुज़ारिश की गई.
अगर अन्ना को पी.एम का उम्मीदवार बनाया जाये तो एक तो उन्हें जनता का पूरा समर्थन मिलेगा और दूसरे जन लोकपाल जैसे कई बिल जो जनता की भलाई के लिए होगें जल्दी ही पास हो सकते हैं और राजनीति का पूरा चरित्र ही बदल सकता है.
