यू.के पार्लिमेंट में परम पूज्य श्री स्वामी कुमार जी को अम्बैसडर ऑफ़ पीस अवार्ड से सम्मानित किया गया .
अमेरिका की तरह 15 नवम्बर 2011 को यू.के. पार्लिमेंट ,प्रधानमंत्री वेस्ट मिनिस्टर पैलेस में सुनहरा इतिहास रचा गया.जहाँ आयोजित समारोह में ब्रह्म्श्री श्री कुमार स्वामी जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया.विशव के इतिहास में पहली बार यू.के. पार्लिमेंट ने इस तरह भारत के किसी संत को सम्मानित किया.इस सम्मान समारोह में ब्रहाम्श्री श्री कुमार स्वामी जी को विश्व मानव कल्याण और सर्व सदभाव के लिए किये जा रहे विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
इस समारोह की एक अनूठी घटना ये भी रही की इसमें श्री कुमार स्वामी को'' अम्बेसडर ऑफ़ पीस''जैसे विश्व प्रसिद्ध अवार्ड से सम्मानित किया गया.शांति का ये पुरस्कार दुनिया के उन लोगो को दिया जाता है जिनका जीवन मानवता के लिए एक उदाहरण बन जाता है और जिनका जीवन विश्व शांति,नैतिक मूल्यों और सर्वधर्म समभाव को समर्पित हो.कुमार स्वामी जी को प्रसिद्ध महावीर सम्मानित किया गया.ये अवार्ड यंग इंडियन वेजेटेरियन सोसाइटी उन लोगो को देती है जिनकी जीवन शैली अति उत्तम सात्विक हो और जो हर तरह के प्राणियों के प्रति करुणा का भाव रखतें हैं.
इसके अलावा एशियन वेलफेयर असोसिएशन ने स्वामी जी को द ह्यूमेन टेरियन अवार्ड से भी सम्मानित किया.ये खास अवार्ड हर ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जो न सिर्फ दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत हों बल्कि समाज कल्याण में विशेष योगदान भी रखतें है.इस अनूठे व एतिहासिक सम्मान समारोह में संसद सदस्यों और अंतर राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक संगठनों ने स्वामी जी के अभूतपूर्व योगदान और मानव कल्याण की खूब तारीफ़ भी की.
इस समारोह में यू.के. पार्लिमेंट के अनेकों सांसद,हाउस ऑफ़ कॉमंस व हाउस ऑफ़ लोर्डस के अति वरिष्ठ अधिकारियों सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद थे.संसद सदस्य श्री बैरी गार्नियर,श्री स्टीवन पाउंड,श्री गैरेथ थोमस,श्री बोब ब्लैक मैन,लोर्ड विलिमोरिया,लोर्ड तरसेम किंग ने विशेष सम्मान पत्रों के साथ कुमार स्वामी जी को सम्मानित किया.
श्री कुमार स्वामी जी को यु.के पार्लिमेंट की ओर से सम्मान पत्र सौपते हुए संसद श्री स्टीफन टीम्स ने कहा की स्वामी जी ने अपना जीवन विश्व को दुःख व पीड़ा से आज़ाद करने के लिए समर्पित किया है.इनके जीवन के जनकल्याणकारी उद्देशों और दर्शन को श्री लक्ष्मी नारायण धाम मूर्त रूप प्रदान कर रहा है.ये संस्थान दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संस्थानों में से एक है.श्री कुमार स्वामी जी हर मत और धर के लोगो का लगातार कल्याण कर रहे है.जिसके कारण विश्व भर के लाखों लोग इनसे प्रेरणा प्राप्त कर रहे है.
श्री कुमार स्वमी जी को प्रदान किये गये सम्मान पात्र में कहा गया है कि स्वामी जी भारत की हजारों साल पुरानी आरोग्य एवं अदभुत पुरातन विधाओं के सिध्हस्त ज्ञाता है.इन्होंने भारत,अमेरिका,इंग्लॅण्ड,कनाडा,व यूरोप में मानव कल्याण हेतू विशाल समागमों में अपना नैतिक नेत्रत्व देकर मानव सेवा का अदभुत उदहारण प्रस्तुत किया है.स्वामी जी के दुनिया भर में 50 करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं.
सम्मान पत्र में ये भी कहा गया है कि भगवान् श्री नारायण धाम करोड़ों लोगों के लिए आशा कि किरण बन गया है और ये संस्थान लोगो के जीवन में स्वास्थ,विकास और सुख ला रहा है.श्री कुमार स्वामी जी द्वारा प्रदान किये जाने वाले दिव्य पाठ से अनेकों रोगों का निवारण हो रहा है.जिन लोगो ने जीने कि आशा छोड़ दी थी वे फिर आशा से भर उठें है.श्री कुमार स्वामी जी प्रयासों से शुरू हुआ भगवान् श्री लक्ष्मी नारायण धाम आज वैश्विक रूप ले चुका है.श्री कुमार स्वामी जी ने जो एक बीज बोया था वह अब एक विशाल वट पेड़ बन चुका है.
इस एतिहासिक सम्मान समारोह में यु.के पार्लिमेंट के सांसदों को संबोधित करते हुए श्री कुमार स्वामी जी ने सहजता से कहा कि संसद द्वारा दिया गया ये सम्मान एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पुरे विश्व का है,पुरातन मर्यादा का है.इससे बढकर ये सम्मान हिंदु,मुस्लिम,सिख,ईसाई,बौद्ध,जैन,पारसी सहित दुनिया के सभी धर्मों और उन्हें मानने वाले लोगो का सम्मान है.स्वामी जी ने ये भी कहा कि ये एतिहासिक सम्मान व्यक्ति विशेष न होकर भिन्न-भिन्न देशों और उनकी संस्कृतियों का है.वास्तव में यह सम्मान पूरी मानवता का सम्मान है.इस सम्मानता से ग्रेट ब्रिटेन की उदारता और महानता साफ़ देखी जा सकती है.
अमेरिका की तरह 15 नवम्बर 2011 को यू.के. पार्लिमेंट ,प्रधानमंत्री वेस्ट मिनिस्टर पैलेस में सुनहरा इतिहास रचा गया.जहाँ आयोजित समारोह में ब्रह्म्श्री श्री कुमार स्वामी जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया.विशव के इतिहास में पहली बार यू.के. पार्लिमेंट ने इस तरह भारत के किसी संत को सम्मानित किया.इस सम्मान समारोह में ब्रहाम्श्री श्री कुमार स्वामी जी को विश्व मानव कल्याण और सर्व सदभाव के लिए किये जा रहे विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
इस समारोह की एक अनूठी घटना ये भी रही की इसमें श्री कुमार स्वामी को'' अम्बेसडर ऑफ़ पीस''जैसे विश्व प्रसिद्ध अवार्ड से सम्मानित किया गया.शांति का ये पुरस्कार दुनिया के उन लोगो को दिया जाता है जिनका जीवन मानवता के लिए एक उदाहरण बन जाता है और जिनका जीवन विश्व शांति,नैतिक मूल्यों और सर्वधर्म समभाव को समर्पित हो.कुमार स्वामी जी को प्रसिद्ध महावीर सम्मानित किया गया.ये अवार्ड यंग इंडियन वेजेटेरियन सोसाइटी उन लोगो को देती है जिनकी जीवन शैली अति उत्तम सात्विक हो और जो हर तरह के प्राणियों के प्रति करुणा का भाव रखतें हैं.
इसके अलावा एशियन वेलफेयर असोसिएशन ने स्वामी जी को द ह्यूमेन टेरियन अवार्ड से भी सम्मानित किया.ये खास अवार्ड हर ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जो न सिर्फ दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत हों बल्कि समाज कल्याण में विशेष योगदान भी रखतें है.इस अनूठे व एतिहासिक सम्मान समारोह में संसद सदस्यों और अंतर राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक संगठनों ने स्वामी जी के अभूतपूर्व योगदान और मानव कल्याण की खूब तारीफ़ भी की.
इस समारोह में यू.के. पार्लिमेंट के अनेकों सांसद,हाउस ऑफ़ कॉमंस व हाउस ऑफ़ लोर्डस के अति वरिष्ठ अधिकारियों सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद थे.संसद सदस्य श्री बैरी गार्नियर,श्री स्टीवन पाउंड,श्री गैरेथ थोमस,श्री बोब ब्लैक मैन,लोर्ड विलिमोरिया,लोर्ड तरसेम किंग ने विशेष सम्मान पत्रों के साथ कुमार स्वामी जी को सम्मानित किया.
श्री कुमार स्वामी जी को यु.के पार्लिमेंट की ओर से सम्मान पत्र सौपते हुए संसद श्री स्टीफन टीम्स ने कहा की स्वामी जी ने अपना जीवन विश्व को दुःख व पीड़ा से आज़ाद करने के लिए समर्पित किया है.इनके जीवन के जनकल्याणकारी उद्देशों और दर्शन को श्री लक्ष्मी नारायण धाम मूर्त रूप प्रदान कर रहा है.ये संस्थान दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संस्थानों में से एक है.श्री कुमार स्वामी जी हर मत और धर के लोगो का लगातार कल्याण कर रहे है.जिसके कारण विश्व भर के लाखों लोग इनसे प्रेरणा प्राप्त कर रहे है.
श्री कुमार स्वमी जी को प्रदान किये गये सम्मान पात्र में कहा गया है कि स्वामी जी भारत की हजारों साल पुरानी आरोग्य एवं अदभुत पुरातन विधाओं के सिध्हस्त ज्ञाता है.इन्होंने भारत,अमेरिका,इंग्लॅण्ड,कनाडा,व यूरोप में मानव कल्याण हेतू विशाल समागमों में अपना नैतिक नेत्रत्व देकर मानव सेवा का अदभुत उदहारण प्रस्तुत किया है.स्वामी जी के दुनिया भर में 50 करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं.
सम्मान पत्र में ये भी कहा गया है कि भगवान् श्री नारायण धाम करोड़ों लोगों के लिए आशा कि किरण बन गया है और ये संस्थान लोगो के जीवन में स्वास्थ,विकास और सुख ला रहा है.श्री कुमार स्वामी जी द्वारा प्रदान किये जाने वाले दिव्य पाठ से अनेकों रोगों का निवारण हो रहा है.जिन लोगो ने जीने कि आशा छोड़ दी थी वे फिर आशा से भर उठें है.श्री कुमार स्वामी जी प्रयासों से शुरू हुआ भगवान् श्री लक्ष्मी नारायण धाम आज वैश्विक रूप ले चुका है.श्री कुमार स्वामी जी ने जो एक बीज बोया था वह अब एक विशाल वट पेड़ बन चुका है.
इस एतिहासिक सम्मान समारोह में यु.के पार्लिमेंट के सांसदों को संबोधित करते हुए श्री कुमार स्वामी जी ने सहजता से कहा कि संसद द्वारा दिया गया ये सम्मान एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पुरे विश्व का है,पुरातन मर्यादा का है.इससे बढकर ये सम्मान हिंदु,मुस्लिम,सिख,ईसाई,बौद्ध,जैन,पारसी सहित दुनिया के सभी धर्मों और उन्हें मानने वाले लोगो का सम्मान है.स्वामी जी ने ये भी कहा कि ये एतिहासिक सम्मान व्यक्ति विशेष न होकर भिन्न-भिन्न देशों और उनकी संस्कृतियों का है.वास्तव में यह सम्मान पूरी मानवता का सम्मान है.इस सम्मानता से ग्रेट ब्रिटेन की उदारता और महानता साफ़ देखी जा सकती है.
